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Satna Tourist places & Famous Food

मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल सतना जिले के आसपास सभी पर्यटन स्थल के बारे में जानेंगे। और यहां के प्रसिद्ध, भोजन आने-जाने की सुविधा के बारे में भी जानेंगे। तो दोस्त बने रहिए टूरिस्ट प्लेस के बारे में जानने के लिए।

satna | सतना जिला

satna
satna

सतना जिला मध्य प्रदेश का एक प्रसिद्ध जिला है। इसका मुख्यालय सतना में स्थित है। सतना जिला रीवा संभाग के अंतर्गत आते हैं। मुख्यालय के शहर के नाम पर सतना जिला का नाम रखा गया है। इसकी सीमा उत्तर में उत्तर प्रदेश के बांदा जिला से जुड़ी हुई है। जिला के पूर्व सीमा पर रीवा जिला की त्यौंथर सिरमौर और हुजूर तहलीस से तथा सीधी जिले की मुड़वारा तथा उमरिया जिला के बांधवगढ़ तहसील और शहडोल जिले की ब्यौहारी तहसील से जुड़ी हुई है। सतना जिला विंध्य पठार के लगभग 20,000 से वह 22,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। सतना जिला में घूमने के लिए बहुत सारे प्रमुख पर्यटन स्थल है तो आज हम सतना जिला के प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में जानेंगे।

bharhut stupa | भरहुत स्तूप

सतना जिला में घूमने के लिए भरहुत अस्तु जोकि मध्य प्रदेश राज्य के सतना जिला के भरहुत गांव में स्थित है। भरहुत गांव में स्थित इस स्तूप के अवशेषों और शिल्पा की मौजूदगी इस की प्रसिद्ध गधा को बयां करती है। शिल्प सम्राट अशोक द्वारा निर्मित स्थान है। भरहुत अस्तु बौद्ध धर्म से संबंधित शुरुआती मान्यताओं और इतिहास से जोड़ी मूर्तियों और कलाकृतियों को बताती है। भरहुत स्तूप पैरों के निशान बोधि वृक्ष धर्म चक्र और खाली सीट जैसे रोचक प्रतीकों के माध्यम से बौद्ध का प्रतिनिधित्व करता है। भरहुत स्तूप पर्यटक को और ऐतिहासिक स्थलों में रुचि रखने वाले के लिए एक आकर्षित स्थल के रूप में जाना जाता है। भरूच काला देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक इस स्थान पर घूमने के लिए आते हैं। यहां पर दरअसल कुछ मायनो मैं भरहुत स्तूप सांची स्तूप से भी मेल रखते हैं। यदि आप भरहुत स्तूप के बारे में जानना चाहते हैं तो हमारे लिखे गए लेख को जरूर पढ़ें। satna weather यहां का मौसम बहुत ही अनुकूल रहता है। satna mp (सतना मध्य प्रदेश) के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के रूप में भी जाना जाता है। satna pin code 485001

Bharat stupa history | भरहुत स्तूप का इतिहास

भरहुत स्तूप का इतिहास बहुत ही पुराना माना जाता है। जो कि सम्राट अशोक से जुड़ा हुआ है। अस्तु में स्थित मूर्तियां भारतीय और बौद्ध कला के शुरुआती दौर का प्रतिनिधित्व करती है। जो 260 ईसवी पूर्व के दौरान निर्मित किए गए सम्राट अशोक के सांची स्तूप की रेलिंग दो की तरह ही निर्मित किया गया है। तोरण द्वार का निर्माण रेलिंग की तुलना में कुछ समय बाद किया गया था जिसको 100-75 ईसवी पूर्व के लिए दिनांक किया गया था। भरहुत स्तूप और इसकी कलाकृति से जुड़ी कई अवशेषों वर्तमान समय में कोलकाता के भारतीय संग्रहालय में देखने के लिए मिलता है। भरहुत स्तूप में बौद्ध धर्म 12 वीं शताब्दी तक जीवित रहे थे। स्तूप के इतिहास से पता चलता है कि छोटे बौद्ध मंदिर एक ग्यारह सौ ईसवी के दौरान पुनिर्मित करके बड़ा किया गया था। लेकिन वर्तमान में यह मंदिर लुप्त हो चुका है।

यहां स्थित 1158 ईसवी के शिलालेख लाल पहाड़ के शिलालेख से बिल्कुल अलग माना जाता है। और इन शिलालेख में कलचिरी राजाओं का उल्लेख मिलता है। भरहुत स्तूप के निर्माण का श्रेय सम्राट अशोक के द्वारा किया गया था। लेकिन भरहुत स्तूप के कुछ कार्य जैसे प्रवेश द्वार और रेलिंग के निर्माण का श्रेय शुंग वंश ने किया था। भरहुत अस्तु एक ऐतिहासिक पर्यटन स्थल के रूप में जाना जाता है। जो कि पर्यटकों के बीच बहुत ही अधिक लोकप्रिय माना जाता है। भरहुत मूर्तिकला देखने लायक जगह है। ज्योति पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। हम अपने इस लेख में भरहुत स्तूप के आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में जानेंगे। तो दोस्त बने रहिए टूरिस्ट प्लेस के बारे में जानने के लिए।

sharadha devi temple | शारदा देवी मंदिर

sharadha devi temple
sharadha devi temple

यह मंदिर भरहुत स्तूप के आकर्षण में शामिल मां शारदा देवी का मंदिर स्थान के मैहर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर माना जाता है। मां शारदा देवी का मंदिर यहां के लोकप्रिय धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। शारदा देवी मंदिर मध्य प्रदेश के त्रिकुटा पहाड़ियों के ऊपर में स्थित है। मंदिर में देवी मां के दर्शन के लिए काफी मात्रा में श्रद्धालु जाते हैं और श्रद्धालु को लगभग 1063 सीढ़ियां चढ़कर जाना पड़ता है। हालांकि ऐसे तीर्थयात्री जो चढ़ने में असमर्थ है उनके लिए रोपवे की व्यवस्था भी उपलब्ध की गई है। मैहर के मंदिर के बारे में एक कथा प्रचलित है की देवी सती शरीर को ले जाते समय उनका हार यहां पर गिरा हुआ था। जिससे इस स्थान को मेहर नाम से जानने लगा। आल्हा उदल की कथा में भी ड्रस मंदिर से जुड़ी है। जिन्होंने सबसे पहले देवी मां को सरदार नाम से पुकारा था। अब यह दर्शनीय पर्यटन स्थल घूमने के लिए दूर-दूर से पर्यटक और भक्तों के लिए एक शानदार गंतव्य बना हुआ है। Satna Tourist places

venkatesh temple | वेंकटेश मंदिर

यह मंदिर भरहुत स्तूप के पर्यटन स्थल में से एक वेंकटेश मंदिर शैतान के मुख्यतारगंज के पास में स्थित है। और या भगवान वेंकटेशवर को समर्पित है। वेंकटेश मंदिर का निर्माण सन 1876 में किया गया था। वेंकटेश मंदिर लाल पत्थर से निर्मित क्या हुआ है। और तालाब के पानी की लहरों के साथ आकर्षित दृश्य प्रस्तुत करता है। वेंकटेश मंदिर सतना को दक्षिण भारतीय मंदिरों के डिजाइन के अनुसार बनाया गया था। और यह माना जाता है कि इस मंदिर के निर्माण में लगभग 49 वर्ष का समय लगा था। और इसके निर्माण के लिए श्रमिक दक्षिण भारत से बुलाए गए थे। वेंकटेश मंदिर में आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में नर्सिंग चतुर्दशी, जन्माष्टमी, गुरु पूर्णिमा, झूला उत्सव, रामनवमी, शरद पूर्णिमा के अलावा बहुत सारे यहां पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यहां पर घूमने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आते हैं और यहां के पवित्र मंदिर और यहां के वातावरण का आनंद लेते हैं। Satna Tourist places

ramvan satna | रामवन सतना

ramvan satna mp (रामवन सतना मध्य प्रदेश) के पवित्र मंदिर माने जाते हैं। रामवन मंदिर सतना मैं रीवा रोड पर स्थित एक दर्शनीय स्थल के रूप में जाने जाते हैं। रामवन मंदिर यहां के प्राचीन अवशेषों का निवास स्थल माना जाता है। यहां के प्रमुख मंदिर में हनुमान मंदिर खास माने जाते हैं। मंदिर के आसपास की हरियाली और सुंदर वातावरण पर्यटकों को शांत का अनुभव प्रदान करता है। रामवन मैं स्थित तुलसी संग्रहालय प्राचीन मंदिर में स्थित मूर्तियों को संरक्षित किए हुए हैं। सतना मे घूमने वाली जगह में यह मंदिर एक शानदार पर्यटन स्थल के रूप में है। Satna Tourist places

jagatdev talab | जगतदेव तालाब

jagatdev talab
jagatdev talab

भरहुत स्तूप की यात्रा पर जाने वाले पर्यटक जगतदेव तालाब सतना घूमने जरूर जानी चाहियें। जगतदेव तालाब या जगतदेव झील मानव निर्मित जलाशय है। जगतदेव तालाब सतना के प्रसिद्ध मंदिर झील के किनारे पर स्थित प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में जाना जाता है। और इसके नजदीक की कुछ अन्य पूजनीय स्थल पशुपतिनाथ मंदिर, श्री रघुवीर मंदिर, डाली बाबा आदि भी है। इन सभी के अलावा यहां पर 450 साल से भी अधिक पुराने सत्यनारायण मंदिर, बम्होरी में जैतवार के हनुमान जी का मंदिर राम जानकी मंदिर धवरी के साईं बाबा मंदिर इत्यादि शामिल यहां के प्रमुख पर्यटन स्थल में है। Satna Tourist places

madhavgarh fort | माधवगढ़ किला

यह किला भरहुत स्तूप के पर्यटन स्थलों में शामिल माधवगढ़ का किला सतना के विभिन्न धार्मिक स्थलों के अलावा एक शानदार पर्यटन स्थल के रूप में जाना जाता है। जो कि लगभग 400 साल पुरानी मानते हैं। माधवगढ़ का ऐतिहासिक किला पर्यटकों के लिए आकर्षित संरचना बनाती है। इस किले का निर्माण माधोसिंह जी ने करवाया था। ओरिया किला सन 2000 के दौरान ठाकुर भवानी सिंह जी द्वारा हेरीटेज होटल के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है। माधव गढ़ के किले को सन 1787 ईस्वी में मराठों की लड़ाई के लिए सबसे अधिक याद किया जाता है। माधवगढ़ का किला पर्यटकों द्वारा भारी संख्या में देखने के लिए आते हैं। Satna Tourist places

maihar ropeway | मैहर रोपवे

यह मंदिर मध्य प्रदेश राज्य के सतना जिले के मैहर शहर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर के रूप में जाना जाता है। मैहर माता का यह प्राचीन मंदिर मां शारदा देवी की पूजा अर्चना और उनके चमत्कारों के लिए जानते हैं। त्रिकुटी से ऊंची पहाड़ी पर स्थित मेहर को भारतीय शास्न्तीय संगीत के लिए भी जानते हैं। मैहर माता मंदिर की सबसे खास बात तो यह है कि देवी शारदा का यह मंदिर भारत के प्रसिद्ध एक मात्रा मंदिर है। मैहर माता मंदिर हिंदू धर्म के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक माना जाता है। यह मंदिर देवी दुर्गा और देवी सरस्वती यहां भक्तों को दर्शन देते हैं। भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक मैहर माता मंदिर उत्तर भारतीय मंदिरों को आमतौर पर शारदा देवी के रूप में जानते हैं। Satna Tourist places

मध्य प्रदेश में स्थित मैहर देवी मंदिर हिंदू धर्म के लिए लगभग सभी देवी देवताओं को समर्पित पवित्र स्थलों में से एक माना जाता है। मैहर माता मंदिर को शारदा देवी मंदिर के नाम से जानते हैं। मंदिर परिसर में भगवान वाला गणपति, भगवान मुरुगा और आचार्य श्री शंकर के मंदिर भी यहां पर स्थापित किए गए हैं। मैहर माता मंदिर बहुत ही रमणीय और दर्शनीय स्थल के रूप में स्थित है। यदि आप भी मैहर माता मंदिर की यात्रा करना चाहते हैं तो इस दर्शनीय स्थल का यात्रा करना ना भूलें क्योंकि यहां के पवित्र और सुंदर वातावरण बहुत ही खूबसूरत लगता है। यहां पर दर्शन ने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आते हैं। Satna Tourist places

भरहुत स्तूप घूमने जाने के लिए सबसे अच्छा समय | best time to visit Bharat stupa

भरहुत स्तूप मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित एक पवित्र और प्रसिद्ध मंदिर है। और यहां की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के महीनों का बीच माना जाता है। क्योंकि इस महीने के बीच यहां का मौसम सर्दियों के मौसम रहते हैं। सर्दियों में पर्यटक को घूमने में काफी आनंद आता है इसीलिए यहां पर पर्यटकों को भरहुत स्तूप घूमने के लिए सबसे अच्छा समय माना गया है। इस महीने में घूमने के लिए पर्यटकों को किसी भी तरह का कोई परेशानी नहीं होती है। यहां पर घूमने के लिए आप किसी भी महीने में भरहुत स्तूप का आनंद ले सकते हैं। Satna Tourist places

भरहुत स्तूप सतना में खाने के लिए प्रसिद्ध भजन | local food near Bharhut stupa

Satna Tourist places
Satna Tourist places

भरहुत स्तूप की यदि आप यात्रा करना चाहते हैं तो हम आपको बता दें कि आपके यात्रा के दौरान मध्य प्रदेश राज और सतना जिले के स्थानीय प्रसिद्ध भोजन को भी जरूर चख सकते हैं। ज्योति बहुत ही स्वादिष्ट रहते हैं। और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। सतना में पर्यटकों को कई तरह के स्वादिष्ट व्यंजन मिल जाते हैं। सतना के स्थानीय भोजन में लिट्टी चोखा, मोठदाल, नमकीन, शीकांझी, आम का अचार, दही भल्ला, फलाहारी, पोटेटो छिवडा, छोला बर्गर, और बादाम मिल्क के अलावा भी दाल बाटी जैसे स्वादिष्ट भोजन का आनंद ले सकते हैं। यहां सभी भोजन यहां के सबसे पवित्र और प्रसिद्ध मानी जाती हैं। hotel in satna यदि आप सतना घूमने के लिए जाते हैं तो वहां पर रुकने के लिए बहुत सारी होटल मौजूद है आप अपने बजट के अनुसार से सतना के होटल का चुनाव कर सकते हैं। Satna Tourist places

भरहुत स्तूप कैसे पहुंचे | how to reach Bharhut stupa

यदि आप भरहुत स्तूप जाने के लिए पर्यटकों को फ्लाइट ट्रेन और बस के माध्यम से आसानी से पहुंच सकते हैं। भरहुत स्तूप की यात्रा के लिए यदि आप हवाई मार्ग के माध्यम से जाना चाहते हैं तो हम आपको बता दें कि भरहुत स्तूप जाने के लिए आपको सतना एयरपोर्ट के लिए फ्लाइट टिकट लेनी होगी। सतना हवाई अड्डा से भरतपुर की दूरी लगभग 23 किलोमीटर की है। इसीलिए एयरपोर्ट पहुंचने के बाद आप बस या टैक्सी या निजी वाहन के माध्यम से आसानी से भरत अस्तु पहुंच सकते हैं। Satna Tourist places

यदि आप भरत स्तुति की यात्रा के लिए रेलवे मार्ग के माध्यम से जाना चाहते हैं तो हम आपको बता दें कि सतना का अपना रेलवे स्टेशन है सतना रेलवे स्टेशन देश के प्रमुख रेल स्टेशनों से अच्छी तरह जुड़ी हुई है। भरहुत स्तूप से satna junction (सतना जंक्शन) रेलवे स्टेशन लगभग 2 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। भरहुत स्तूप यदि आप सड़क मार्ग के माध्यम से जाना चाहते हैं तो हम आपको बता दें कि भरत स्तूप मध्य प्रदेश के सतना जिला में स्थित है और सतना जाने के लिए अभी आप बस या निजी वाहन के माध्यम से जाना चाहते हैं तो हम आपको बता दें कि भरहुत अस्तु सड़क मार्ग के माध्यम से आसपास के शहर अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। इसीलिए आप बस या अपने निजी वाहन के माध्यम से भरहुत स्तूप आसानी से पहुंच सकते हैं। Satna Tourist places

Jabalpur places & Famous Food

निष्कर्ष

इस लेख में आपने भरहुत स्तूप सतना और इसके आसपास घूमने की जगह के बारे में अच्छी तरह से जाना है। यदि आपको हमारा यह लेख अच्छा लगा हो तो हमें कमेंट में जरूर बतायें।

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