lippa-asra wildlife sanctuary

Best No1 Kinnaur village Tourist Places &Famoum Food

Best No Kinnaur village Tourist Places & Famoum Food

हिमाचल प्रदेश के किन्नर जिलों में कुछ प्रमुख गांव के प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में जानेंगे और यहां पर आने-जाने की सुविधा और प्रसिद्ध भजनों के बारे में भी जानेंगे तो दोस्त बने रहिए टूरिस्ट पैलेस के बारे में जानने के लिए।

kinnaur
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ribba | रिब्बा

हिमाचल प्रदेश राज्य के किन्नौर जिले में स्थित एक गांव है। यह गांव सबसे अधिक आबादी वाला 3745 मीटर की ऊंचाई पर किन्नौर जिले में स्थित है। रिस्पा और पुरबानी गांव के बीच स्थित या जगह रिरंग के नाम से भी जाना जाता है यहां के स्थानीय लोग यहां के बोल भाषा के अनुसार री का मतलब जिलों का है और रंग का मतलब पर्वत चोटी है। इस गांव की निकटता में एक और गांव है जो रिस्पा के नाम से जाना जाता है और यह गांव अंगूर के बगीचे के लिए लोकप्रिय माना जाता है। तो दोस्त अब हम हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित इसके आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में जानेंगे। वैसे तो हिमाचल प्रदेश में बहुत सारी प्रमुख पर्यटन स्थल है आज हम यहां के कुछ पर्यटन स्थल के बारे में जानेंगे।  Kinnaur village Tourist Places 

हिमाचल प्रदेश पश्चिम हिमालय में स्थित 11 पहाड़ियों राज्य में से एक है। जो अपनी असीम सुंदरता पर्यटन स्थल और अपनी आकर्षण जगहों के लिए प्रसिद्ध मानी जाती है। हिमाचल प्रदेश में सीमा पूर्व में उत्तरांचल और उत्तर में कश्मीर पश्चिम में पंजाब दक्षिण में उत्तर प्रदेश से घिरा हुआ है। तो अब यहां के कुछ रोचक तथ्य के बारे में जान लेते हैं। Kinnaur village Tourist Places 

  • हिमाचल प्रदेश का क्षेत्रफल लगभग 55673 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।
  • यह राज्य भारत के सबसे हरे भरे राज्यों में से एक माना जाता है जिसमें 3733 वर्ग किलोमीटर का वन क्षेत्र ही है।
  • 2011 की जनगणना के अनुसार हिमाचल की जनसंख्या लगभग 6 लाख थी।
  • हिमाचल प्रदेश की दो राजधानी है हिमाचल प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी शिमला है जबकि शीतकालीन राजधानी धर्मशाला है।
  • हिमाचल प्रदेश में दो मेडिकल कॉलेज तीन विश्वविद्यालय और एक इंजीनियर कॉलेज सहित 17000 शिक्षणिक स्थान बनाए गए हैं।
  • हिमाचल प्रदेश का शब्द हेमा और अंचल संस्कृति शब्दों का एक संयोजन है जिसका अर्थ क्रमशाह बर्थ और गोद का होता है।
  • हिमाचल प्रदेश में सात पहाड़ियों के बीच बसा हुआ एक राज्य है। इसीलिए इस राज्य को लोकप्रिय रूप में पहाड़ियों की रानी भी कहा जाता है।
  • हिमाचल प्रदेश का सबसे प्रसिद्ध पशु चीन हिम तेंदुआ है।
  • हिमाचल प्रदेश का पक्षी में यहां का सबसे पश्चिमी त्रागोपन है।
  • हिमाचल प्रदेश को देश का फुटबॉल भी कहा जाता है जो जम्मू कश्मीर के बाद देश में सबसे ज्यादा सेब का दूसरा उत्पादन राज्य है। Kinnaur village Tourist Places 

trekking in kinnaur | किन्नौर में ट्रैकिंग

तो दोस्त अब यहां के ट्रैकिंग के बारे में जानेंगे और ट्रैकिंग के दौरान यहां के गाइडलाइन का भी पालन करनी चाहिए। उनके बारे में भी जानेंगे।

किन्नौर एक ऐसा अस्थल है जो ना सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य बल्कि अपनी अनोखी संस्कृति के बल पर यहां आने वाले पर्यटकों को प्रभावित करता है। बाहरी खूबसूरती का आनंद लेने के लिए यहां पर्यटकों को आना जाना लगा रहता है। लेकिन कुछ ट्रेकर्स बाहरी राज्य से होती हुई जाना जोगी में जिन ऊर्जा पहाड़ियों को बिना पूरा इक्विपमेंट लिए बात कर रहे हैं जिससे ना केवल पर्यटकों की मौत हो सकती है। इस जिला प्रशासन के लिए भी चुनौती बन सकती है। यहां पर पर्यटक ट्रेकिंग के दौरान अपनी जान गवा देती है। यहां के गाइडलाइन का टूरिस्ट गाइड लाइन नहीं करते पालन जिला पर्यटन अधिकारी एवं एसडीएम कल्पा सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि बिना दक्षता बिना सूचना दिए और ट्रेकर्स के लिए बिना पूरा इक्विपमेंट के बाहरी राज्य के गाइड किन्नौर के ऊंचाई के दौरान कर सकते हैं। यदि आप यहां पर ट्रेकिंग के लिए जाते हैं तो यहां के गाइडलाइन का अवश्य पालन करें क्योंकि यह गाइडलाइन पर्यटकों के लिए ही बनाया गया है जिससे पर्यटकों की मौत हो सकती है उससे बचने के लिए यहां के गाइडलाइन का पालन करना अवश्य जरूरी है। Kinnaur village Tourist Places 

moorang kinnaur | मुरंग किन्नौर

moorang kinnaur
moorang kinnaur

यह गांव हिमाचल प्रदेश की किन्नौर जिले में स्थित एक छोटा सा गांव है। जो किन्नौर जी ले अपनी संस्कृति और पौराणिक कथाओं के लिए देश में मशहूर है। यहां महाभारत कला से लेकर रामपुर रियासत के राजा महाराजाओं की कथाएं सुनने और देखने को मिलती है। इस जिला में एक ऐसी ही धरोहर है जिसमें मुरंग किला के नाम से जाने जाते हैं। मुरन गांव में रहने वाले पुराने बुजुर्ग इस किला को महाभारत कला से जोड़कर देखते हैं तो वहीं युवा पीढ़ी इसे राजाओं का किला मानते हैं साल 1975 में आए भयंकर भूकंप ने हजार साल पुराने इस किला को कोई नुकसान नहीं पहुंची लेकिन अब यह किला सरकार और प्रशासन की अनदेखी का शिकार हो गया है मुंगेर किला अपने अस्तित्व को बचाए रखने के लिए। यहां पर रहने वाले वासियों का नजर रहता है। यह किला समुद्र तल से 3591 मीटर की ऊंचाई पर बसा हुआ मुरन गांव में स्थित है। Kinnaur village Tourist Places 

यह किला हिमाचल प्रदेश राज्य के किन्नौर जिले में मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। यहां पर रहने वाले लोग काफी देवस्थान पर यकीन करते हैं इस गांव में कई ऐसी ऐतिहासिक चीजें मौजूद है। किले में मुरन गांव के देवता और ओरमिक सूखा मंदिर है। या किला इतना ऊंचा पर मौजूद है यहां से पूरे गांव आसानी से देखे जा सकते हैं इस किला का ऊंचाई लगभग 40 फीट है जो कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग पहुंच से सीधे दिखाई देते हैं। Kinnaur village Tourist Places 

यह किला गांव के बुजुर्गों का कहना है कि 5000 साल पुराना किला है जिससे महाभारत काल में पांडवों ने युद्ध के दौरान एक ही रात में बनवाया था वही युवा पीढ़ी का मानना है कि सैकड़ों साल पहले राजाओं ने दुश्मनों ने अपनी सुरक्षा के लिए इस किला का निर्माण किया था किले को इतनी ऊंचाई पर बनवाया गया है कि यहां के राजा पूरे क्षेत्र को आसानी से देख सकते हैं किले के चारों और छोटी-छोटी खारियो बनी है जहां से दुश्मनों पर हमला किया जाता था। Kinnaur village Tourist Places 

इस किला में एक और जनश्रुति भी है यहां की स्थानीय देवता ओरमिक शू इस किले में समय-समय पर आते रहते हैं क्योंकि वह इस क्षेत्र के मालिक के रूप में जाने जाते हैं। इस किले के अंदर की शक्तियों की वे खुद ही देखरेख करते हैं। इस किले में जिला स्तरीय ओरमिक शू मेला का आयोजन भी रखा जाता है। मेला के दिन किले में देवता ओरमिक शू आकर पूजा-पाठ करते हैं इस मेले में कुछ लोग पांडवों का रूप भी धारण कर लेते हैं यह भी कहा जाता है कि मूरंग किला एक नहीं बल्कि जो किला है एक किला भरा है जिसमें तीन किला यानी राजा किला के नाम से जानते हैं दूसरा किला उसी के साथ निचले हिस्से में है जिसे रानी किला कहा जाता है। Kinnaur village Tourist Places 

इस किले का निर्माण लकड़ी और पत्थर से बनाई गई है किले का निर्माण मोटी मोटी लकड़ी और बड़े-बड़े नकाशी वाले पत्थरों से किया गया है जिसे आज के समय में बनाना मुश्किल है इस किले का निर्माण इस तरह हुआ है कि सतलुज नदी में यदि बाढ़ आ जाए पहाड़ों से ग्लेशियर तब भी इसे किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचता है इस किले के चारों ओर पौराणिक काल के निर्मित छोटे-छोटे रहने के लिए स्थान भी देखे जाते हैं। यह किला का खासियत किला में साल 1975 में आए भयंकर भूकंप मैं इस किला का कोई नुकसान नहीं हुआ था लेकिन इस किले पर कोई असर नहीं पड़ा किले के चारों और लकड़ी से जोर होता है जो भूकंप के दौरान भवन को मजबूत प्रदान करती है यहां के लोगों को मान्यता के अनुसार किसी वक्त सतलुज का वह अब इस किले के पास था। किला सतलुज के बिल्कुल नजदीक में था लेकिन धीरे-धीरे सतलुज का बहाव भी नीचे चला गया और किले के आसपास गांव बस गए हैं। यहां पर घूमने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आते हैं इस किले से देखे जाने वाले यहां की खूबसूरती हो बहुत ही आकर्षित होता है। Kinnaur village Tourist Places 

lippa-asra wildlife sanctuary | लिप्पा- असरांग वन्यजीव अभ्यारण

lippa-asra wildlife sanctuary
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यह अभ्यारण हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित है। यह विभिन्न पर्वत महलों के बीच में स्थित एक बहुत ही खूबसूरत अभ्यारण है। जो अपने वातावरण और प्राकृतिक सौन्दर्य के लिए जाना जाता है। या अभ्यारण समुद्र तल से लगभग 2438 मीटर की ऊंचाई पर देती नामा एक ट्रक पर स्थित है। यहां का खास बहुत लोकप्रिय माना जाता है। यहां के जलवायु में पनपाती घास और वनस्पति पशु और घरों के लिए भी प्रसिद्ध स्थान है। यदि आप यहां पर घूमने आते हैं तो यहां के आसपास के जंगलों में चारों ओर घूमने पर बहुत ही जानवर जैसे जंगली बकरी की प्रजातियों को आसानी से देख सकते हैं यहां पर तीन बौद्ध मंदिर है जो गल्दंग छोइकर, डुन्गुइर और कंग्युर समर्पित बहुत धार्मिक स्थान के रूप में जाने जाते हैं। Kinnaur village Tourist Places 

इस अभ्यारण की स्थापना लगभग 1974 में की गई थी या लोकप्रिय अभ्यारण 3089 हेक्टेयर के क्षेत्र में फैला हुआ है इस अभ्यारण में विभिन्न प्रकार के वनस्पति वन्यजीव देखने के लिए मिलता है जो यहां की खूबसूरती ओं में चार चांद लगा देती है। इस अभ्यारण में याक आईबैक्स, हिमालय कस्तूरी मिर्च, गोराल भालू, इत्यादि पशु पाए जाते हैं। यहां के जंगलों में अलग-अलग इसमें की वनस्पति देखने के लिए मिलता है। lippa (लिप्पा)- असरांग वन्यजीव अभ्यारण कुछ समय तेंदुआ भी दिखा करते थे यहां पर ज्यादातर बर्फीला तेंदुआ दक्षिणी एशियाई तथा रूस के अल्ताई पर्वत में पाई जाती हैं बर्फीला तेंदुआ आमतौर पर 3000 से 45 मीटर की ऊंचाई पर पाया जाता है इसे अपने भोजन के लिए मुख्य रूप से वन्यजीव पर निर्भर रहता है भारत में या जानवर ज्यादातर उच्च हिमालय वाले क्षेत्र में देखने के लिए मिलता है। बर्फीली तेंदुआ हिमाचल प्रदेश का राष्ट्रीय पशु भी माना जाता है।  namgya khampa

nichar | नेचार

हिमाचल प्रदेश राज्य के किन्नौर जिले में स्थित एक गांव है ज्योति समुद्र तल से 2100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह पुराने हिंदुस्तान तिब्बत रोड पर है। यहां पर अधिकांश लोग हिंदू धर्म के साथ-साथ बौद्ध धर्म का भी पालन करते हैं। यह प्राकृतिक जल निकाय के लिए भी जाना जाता है। इसे छलंग बायू भी कहते हैं। नेचार में उमा माता मंदिर है जो कि यहां के सबसे प्रसिद्ध मंदिर माना जाता है यहां पर लोग हू हू मेला स्थानीय भाषा में बाटी मेला मनाते हैं। निचार किन्नौर जिले के तीन प्रशासनिक क्षेत्र में से एक माना जाता है। क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के वनस्पति और जीव भी पाए जाते हैं। और यहां के वन्य जीव प्रजातियों जैसे लाल भालू, मृग और घोरल का घर मौजूद है। यहां पर अल्पाइन वन की विस्तृत श्रृंखला है। इसीलिए इसे हरी घाटी भी कहते हैं। यह किन्नौर जिले का सबसे ज्यादा हरा भरा गांव है। weather in nichar यहां का मौसम में समय के अनुसार बदलते रहता है यहां का मौसम बहुत ही अनुकूल रहता है। weather nichar यहां के मौसम में पर्यटक को घूमने में बहुत पसंद आते हैं। weather nichar, himachal pradesh यहां का मौसम बहुत ही सम्माननीय और सरल रहते हैं। इसीलिए पर्यटक किसी भी मौसम में यहां आ सकते हैं। यहां के हरे भरे जंगलों के देखने के लिए और यहां के प्रसिद्ध मंदिर को देखने के लिए काफी मात्रा में किन्नौर घूमने के लिए आते हैं। Kinnaur village Tourist Places 

Famous food Kinnaur | किन्नौर का सबसे प्रसिद्ध भोजन

Kinnaur village Tourist Places
Kinnaur village Tourist Places

यहां पर आने वाले पर्यटकों के लिए यहां के होटलों में कई प्रकार के व्यंजन रहते हैं। यहां पर सबसे ज्यादा भजनों में मोमोज, दोसा, छोला भटूरा इत्यादि शामिल रहते हैं। और यहां के सबसे प्रसिद्ध भजनों में यहां के आसपास के होटलों में ज्यादातर चपाती, दाल, सब्जी ग्रेवी और आचार भी शामिल रहते हैं और यहां के सबसे प्रसिद्ध भोजन माने जाते हैं यहां पर कुछ साधारण नहीं भोजन रहते हैं और यहां के आसपास के ढाबा में खाने के लिए यात्रा के दौरान नाश्ता ही मिलते हैं यदि आप यात्रा के लिए जा रहे हैं तो आप अपने साथ कुछ खाने के लिए साथ में रखें। Kinnaur village Tourist Places 

How to reach Kinnaur | कैसे पहुंचे किन्नौर

यहां तक आने के लिए किन्नर के सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन शिमला रेलवे स्टेशन है जो कि यहां से लगभग 244 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है यह एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है और यहां से अच्छी तरह से नई दिल्ली और मुंबई जैसे महत्वपूर्ण शहर से जुड़ा हुआ है यात्री रेलवे स्टेशन के बाहर से यहां के निजी वाहन के माध्यम से किन्नर तक आसानी से पहुंच सकते हैं। Kinnaur village Tourist Places 

Best No1 Kangra Tourist Places & Famoum Food

निष्कर्ष

आज हमने हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में कुछ प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में जाने और यहां का सबसे प्रसिद्ध गांव के बारे में भी जाने यदि आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो आप हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बता सकते हैं। Kinnaur village Tourist Places 

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